डिंडौरी। डिंडौरी जिला मुख्यालय में संचालित होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड करने का मामला जांच में उजागर हो रहा है। नगर के मुख्य मार्ग में जगदंबा मंदिर के पास संचालित यम्सकेप कैफे बाहर से तो चकाचक मिला, लेकिन जांच टीम जब अंदर पहुंची तो शौचालय में ही बर्तन धुलते मिले। कमोड वाले खुले टायलेट शीट के बगल में बर्तनों का ढेर लगा मिला, जिसे देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए। संबंधित कैफे में जांच के दौरान घरेलू गैस सिलिंडरों का व्यवसायिक उपयोग होता भी मिला।
गौरतलब है कि जबलपुर से आई उडनदस्ता की टीम ने जिला मुख्यालय में होटल, रेस्टोरेंट, कैफे, किराना दुकान और राइस मिल की भी जांच की गई, जिसमें संचालकों की बडी मनमानी उजागर हुई है। होटल और कैफे के किचन और बर्तन धुलने वाले स्थान में गंदगी का अंबार मिला। जांच में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करना सामने आया है। किचन के साथ बर्तन धुलने वाले स्थान का हाल देख जांच टीम भी दंग रह गई।
सैंपल लेकर की जा रही जांच
खाद्य सुरक्षा उड़नदस्ता दल द्वारा कार्यवाही करते हुए जिला मुख्यालय के यम्सकेप कैफे, सात्विक होटल के साथ मां नर्मदा राइस मिल का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। बुधवार को भी जांच का सिलसिला जारी रहा। मुख्यालय के पीडब्ल्यूडी रोड में भाई हरीदास गिरधारी लाल की दुकान से रोस्टेड चना और काजू का सेंपल लिया गया। इसी तरह सुरेश कुमार जीवन लाल किराना दुकान वार्ड नंबर चार से चना और दूध का सैंपल लिया गया। विजय लॉज के पास गणेश बेकरी से कानफेक्शनरी व रस्क का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
जांच में होटलों में गंदगी देख उठे गंभीर सवाल
जिला मुख्यालय के होटल, रेस्टोरेंट और कैफे में मनमानी के लगातार आरोप लगते रहे हैं। इसी के चलते आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्यप्रदेश द्वारा गठित खाद्य सुरक्षा उड़नदस्ता द्वारा शहरी क्षेत्र में संचालित रेस्टोरेंट सात्विक भोग और यम्स कैप कैफे का संयुक्त निरीक्षण किया। इस दौरान खाद्य पदार्थों के निर्माण व भंडारण में भारी अनियमितता पाई गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने पाया कि रेस्टोरेंट की रसोई में भारी गंदगी के बीच भोजन का निर्माण किया जा रहा है। साथ खाद्य पदार्थों का भंडारण भी सही तरीके से नहीं किया गया। टूटे-फूटे फर्श व दीवारों में गंदगी पाई गई।