भगवान श्रीकृष्ण के भक्तों के लिए जन्माष्टमी का दिन किसी उत्सव से कम नहीं होता. हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक कृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाती है. मान्यता है कि इस दिन कान्हा की सच्चे मन से सेवा करने से जीवन के सारे कष्ट मिट जाते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है, लेकिन, अक्सर अनजाने में हम कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे हमारा व्रत खंडित हो सकता है या पूजा का पूरा फल नहीं मिलता. अगर आप भी इस जन्माष्टमी व्रत रखने जा रहे हैं, तो इन 4 बातों का खास ख्याल रखें.
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी कब है?
पंचांग के अनुसार , माघ माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 10 जनवरी 2026 को सुबह 08:23 बजे से शुरू होगी और 11 जनवरी 2026 को सुबह 10:20 बबजे समाप्त होगी. चूंकि इसमें उदयातिथि का नियम होता है, इसलिए साल 2026 की पहली मासिक जन्माष्टमी शनिवार, 10 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी.
जन्माष्टमी व्रत के दिन न करें ये गलतियां!
तुलसी के पत्तों को तोड़ना
भगवान विष्णु और उनके अवतार श्री कृष्ण को तुलसी बेहद प्रिय है. उनके भोग में तुलसी का होना अनिवार्य है, लेकिन याद रखें कि जन्माष्टमी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. यदि आपको पूजा के लिए तुलसी चाहिए, तो उसे एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें. जन्माष्टमी पर तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें और दीप जलाएं, लेकिन उसे नुकसान न पहुंचाएं.
तामसिक भोजन और नशीले पदार्थों से दूरी
व्रत केवल भूखा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह मन और शरीर की शुद्धि का पर्व है. जन्माष्टमी के दिन घर में लहसुन, प्याज या किसी भी प्रकार का मांसाहारी भोजन नहीं बनना चाहिए. इसके अलावा, इस दिन शराब या अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करने से न केवल व्रत टूटता है, बल्कि व्यक्ति को भारी दोष भी लगता है.
गायों का अपमान न करें
श्री कृष्ण को गोपाल कहा जाता है, यानी गायों को पालने वाला और उनसे प्रेम करने वाला. अगर आप जन्माष्टमी का व्रत रख रहे हैं और किसी गाय या बछड़े को परेशान करते हैं या उसे द्वार से भगा देते हैं, तो आपकी पूजा अधूरी मानी जाएगी.
पुण्य का काम: इस दिन गाय को हरा चारा खिलाएं या गुड़-रोटी दें. ऐसा करने से कान्हा जल्दी प्रसन्न होते हैं.
मन में द्वेष और क्रोध लाना
अक्सर लोग शारीरिक रूप से तो उपवास रख लेते हैं, लेकिन मन में दूसरों के प्रति कड़वाहट या क्रोध रखते हैं. शास्त्रों के अनुसार, व्रत के दौरान किसी का अपमान करना, झूठ बोलना या वाद-विवाद करना मानसिक अशुद्धि माना जाता है.
मासिक जन्माष्टमी का महत्व
हिंदू धर्म में भगवान श्रीकृष्ण को प्रेम, करुणा और धर्म का प्रतीक माना गया है. हर महीने आने वाली यह अष्टमी हमें याद दिलाती है कि भगवान हमारे करीब हैं. वैसे तो भाद्रपद मास की कृष्ण जन्माष्टमी सबसे प्रसिद्ध है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक जन्माष्टमी भी मनाई जाती है. मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान कृष्ण की विशेष पूजा करने से जीवन की अनेक समस्याओं से राहत मिलती है.
















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