जालंधर: जालंधर केंद्रीय विधानसभा सीट के उप-चुनाव को लेकर एक बार फिर से राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। आम आदमी पार्टी के जालंधर केंद्रीय सीट से विधायक रमन अरोड़ा को जब विजीलैंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के आरोपों में गिरफ्तार किया था तो उस समय भी ऐसी चर्चा हुई थी रमन अरोड़ा शायद इस्तीफा दे देंगे परन्तु उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया। पिछले दिनों हाईकोर्ट से रमन अरोड़ा को जमानत मिल गई थी, उसके बाद पुलिस ने एक अन्य मामले में रमन अरोड़ा के खिलाफ केस दर्ज कर दिया था। ऐसी स्थिति में अब रमन अरोड़ा फिर से पुलिस हिरासत में हैं। रमन अरोड़ा के खिलाफ जालंधर तथा होशियारपुर में कुछ और मामलों को लेकर भी अंदरखाते जांच की जा रही है।
रमन अरोड़ा ने अभी तक इस्तीफा देने के बारे में अपना मुंह नहीं खोला है। माना जा रहा है कि रमन अरोड़ा के ऊपर दबाव काफी बढ़ चुका है। आम आदमी पार्टी के नेताओं का मानना है कि शायद निकट भविष्य में जालंधर केंद्रीय सीट का उप चुनाव हो जाए और रमन अरोड़ा भी शायद अपना इस्तीफा दे दे परन्तु इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है परन्तु पिछले 2 दिनों से उप चुनाव को लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी में काफी चर्चाओं का बाजार गर्म हो चुका है। फिलहाल गेंद अब रमन अरोड़ा के पाले में है। यह भी कहा जा रहा है कि अगर रमन अरोड़ा ने इस्तीफा न दिया तो उनके खिलाफ आने वाले दिनों में पुलिस और भी केस दर्ज कर सकती है।
जालंधर के आम आदमी पार्टी के नेताओं का मानना है कि उप-चुनाव अब हो जाना चाहिए और वह अपने विचार केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा रहे हैं। उनका मानना हैकि निकट भविष्य में तरनतारन विधान सभा सीट का उपचुनाव होना है अगर तरनतारन के साथ ही जालंधर केंद्रीय सीट का उप चुनाव करवा लिया जाए तो पार्टी के लएि बेहतर हो सकता है। तरनतारन सीट पर अन्य पार्टियों के साथ-साथ जेल में बंद अमृत पाल सिंह की पार्टी का भी प्रभाव बताया जा रहा है। फिलहाल आम आदमी पार्टी की ओर से रमन अरोड़ा पर पूरा दबाव बना लिया गया है क्योंकि पार्टी समझती है कि रमन अरोड़ा के कारण उसकी साख को काफी धक्का लगा था।
















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Server Time : August 13, 2026 11:51 pm