झाबुआ। सोमवार को शाम चार बजे झाबुआ के उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान पर चल रहे मेले में झूला गिरा। देर तक मंथन चला और रात साढ़े ग्यारह बजे के करीब झूला मालिक और ऑपरेटर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
झाबुआ थाने में दर्ज हुई एफआईआर में यह लिखा गया है कि झूला तेज गति से और लापरवाहीपूर्वक चलाया गया। उक्त मुकदमे ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या सरकारी तौर पर कोई दोषी इस मामले में नहीं है? मेले की व्यवस्था पर किसकी नजर होना थी? मेले की अनुमति देने वालों से कौन सवाल पूछेगा और स्कूल समय में विधार्थी झूला झूल रहे थे तो यह कार्य किसकी अनुमति से हो रहा था?
15 बच्चे फिलहाल भर्तीइस घटना में पीड़ित सभी बच्चे उत्कृष्ट यानी झाबुआ के सांदीपनि स्कूल के ही है।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाक्टर बीएस बघेल ने बताया कि घटना के बाद कुल 30 विधार्थी अस्पताल आए थे। दो बच्चे घटना से घबरा गए थे।13 बच्चों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
वर्तमान में 15 बच्चे भर्ती हैं। इनमें भी एक को पैर में फ्रैक्चर है।शेष की स्थिति सामान्य बनी हुई है।यह है मामलाजिला मुख्यालय झाबुआ में सोमवार को दोपहर चार बजे के लगभग एक बड़ा हादसा हो गया। यहां के उत्कृष्ट विद्यालय खेल मैदान पर चले रहे 20 दिवसीय मेले में एक झूला गिर गया।
इस हादसे में 30 विधार्थी घायल हो गए। बताया जा रहा है कि उक्त ड्रैगन झूले में विधार्थियों की संख्या अधिक होने से क्षमता से अधिक वजन हो गया। ऐसे में झूला गिर गया। घटना के बाद चारों तरह चीख गूंजने लगी।सभी घायल विधार्थियों को जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया ।यह मेला एक जनवरी से आरंभ हुआ था।
20 जनवरी तक चलना था। उक्त हादसे के कारण मेला 19 जनवरी को ही बंद हो गया है।छात्रा के पिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाईसोमवार को देर रात एक पीड़ित छात्रा के ऑटो चालक पिता से पुलिस ने झाबुआ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। आरोप यह लगाया गया कि लापरवाही और तेज गति से झूला चलाया गया।
उसके बाद झूले के मालिक राजेश पुत्र कमल सिंह चौहान निवासी सिमलावदा जिला धार और ऑपरेटर अंतर सिंह पुत्र ओमप्रकाश पंचरंगिया निवासी गुनावद जिला उज्जैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।यह था नजारामेला स्थल पर मंगलवार को सन्नाटा पसरा हुआ था।सभी झूले वाले और अन्य दुकानदार तत्काल भाग खड़े हुए। सभी ने अपने झूले खोल लिए मगर लेकर जाने की हिम्मत कोई नहीं कर रहा है।
सोमवार की घटना से हर कोई डर गया है, जिस स्थान पर एक जनवरी से जबरदस्त रौनक व्याप्त थी। वाहन तेज गति से सड़कों पर दौड़ रहे थे। लगातार विवाद हो रहे थे। सोमवार के बाद सब कुछ शांत हो गया है।
झाबुआ मेला हादसाहर घायल बच्चे की जान कीमती, ह्न मंत्री भूरिया इस घटना पर प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे एक अत्यंत ”दुर्भाग्यपूर्ण घटना” करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार घायलों के साथ खड़ी है और संसाधनों की कमी को इलाज के आड़े नहीं आने दिया जाएगा।
हादसे की सूचना मिलते ही मंत्री भूरिया ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से संपर्क साधा। उन्होंने घटना के कारणों और वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने इस मामले में संवेदनशीलता दिखाते हुए घायलों के सर्वोत्तम इलाज के निर्देश दिए हैं। मंत्री भूरिया ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाते हुए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि बच्चों का जीवन हमारी पहली प्राथमिकता है।
यदि आवश्यकता हुई तो हम बच्चों को उपचार के लिए प्रदेश के बड़े अस्पतालों या राज्य के बाहर भी भेजेंगे। इलाज का समस्त खर्च हमारी सरकार वहन करेगी। किसी भी परिवार को आर्थिक तंगी के कारण इलाज में परेशानी नहीं होने दी जाएगी।20 जेएचए 16 – अब झूले टूटे हुए जमीन पर पड़े हैं।












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