इंदौर : गणतंत्र दिवस के मौके पर इंदौर की सेंट्रल जेल से 9 ऐसे कैदियों को उनके अच्छे आचरण को देखते हुए रिहा किया गया है। खास बात यह कि अपने माथे पर अपराधी का टैग लेकर जेल में सजा काट रहे इन कैदियों ने रिहाई के बाद नया रास्ता अपनाया है। अपराध का तमगा लेकर जेल पहुंचे इन कैदियों ने रिहाई के समय गीता के साथ वापसी की।
इंदौर की सेंट्रल जेल से आज सोमवार को 9 ऐसे कैदी रिहा हुए जिनके हाथ खून से रंगे हुए थे मगर इंदौर की सेंट्रल जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने खून से सने हाथों में भागवत गीता थमा दी। इन कैदियों में एक अनोखा कैदी ऐसा भी छुटा है जिसने अपने ही दोस्त की हत्या कर अपने जीवन के 15 साल बीता दिए।
कैदी जब हत्या कर जेल में आया था तो उसका नाम शंकर था मगर अब जेल से बाहर जाने के बाद उसका नाम शंकर गिरी हो गया और भगवा चोला पहन कर हाथों में भागवत गीता लेकर जेल से अपने घर चल दिया। वही जेल से छुटने वाले कैदियों को अपनी गलती का पछतावा तो हो ही रहा है इसी के साथ जेल से बाहर जाकर अपना जीवन परिवार के साथ बिताना और काम धंधा कर दिनचर्या चलाना अब एक चुनौती बन गया है।
















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