मध्य प्रदेश के इंदौर का सराफा बाजार एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह सोना-चांदी के दाम नहीं, बल्कि व्यापारियों का एक बड़ा और विवादित फैसला है. इंदौर सराफा व्यापारी एसोसिएशन ने सुरक्षा को देखते हुए तय किया है कि अब कोई भी व्यक्ति चाहे पुरुष हो या महिला अगर हिजाब, नकाब, मास्क, हेलमेट या किसी कपड़े से चेहरा पूरी तरह ढककर दुकान पर आता है, तो उसके साथ लेन-देन नहीं किया जाएगा.
व्यापारियों ने क्यों लिया यह फैसला?
सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी ने बताया कि पिछले कुछ समय में सराफा बाजार में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं. कई मामलों में महिलाएं नकाब या हिजाब की आड़ में दुकानों में घुसकर कीमती गहने चुरा ले गईं. उन्होंने कहा कि जेवरात बेहद महंगे होते हैं और जब चेहरा ढका हो, तो CCTV फुटेज के बावजूद चोरों की पहचान मुश्किल हो जाती है. इसी वजह से व्यापारियों को यह सख्त कदम उठाना पड़ा.
CCTV में चेहरा दिखाना अनिवार्य
एसोसिएशन ने साफ कहा है कि दुकान में प्रवेश करते समय ग्राहक का चेहरा साफ दिखना चाहिए. खरीद-फरोख्त के दौरान CCTV में पहचान संभव हो. अनजान और पूरी तरह चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों को सामान न दिखाया जाए. हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि पुराने और परिचित ग्राहक, जो वर्षों से दुकानदारों को जानते हैं, अगर मास्क या हिजाब पहनकर आते हैं तो उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी.
10 लाख की चोरी बनी टर्निंग पॉइंट
व्यापारियों के मुताबिक कुछ समय पहले एक नकाबपोश महिला करीब 10 लाख रुपए के गहने चोरी कर फरार हो गई थी. काफी मशक्कत के बाद उसे पकड़ा जा सका. इसी घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता और गहरी हो गई.
समर्थन भी, विरोध भी
इस फैसले के बाद जहां कई व्यापारी और ग्राहक इसे सुरक्षा के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ लोग दबी जुबान में इसका विरोध भी कर रहे हैं. विरोध करने वालों का कहना है कि यह फैसला धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकता है और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर सवाल खड़े करता है.
व्यापारियों का जवाब क्या है?
व्यापारियों का कहना है कि: किसी को नकाब या हिजाब पहनने से रोका नहीं गया, सिर्फ व्यापारिक सुरक्षा के लिए पहचान जरूरी की गई है. सोना-चांदी जैसे महंगे आभूषणों में सतर्कता जरूरी है.
देशभर में हो सकता है असर
इंदौर के इस फैसले के बाद ऑल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन समेत अन्य राज्यों के सराफा संगठन भी इसी तरह के नियम पर विचार कर रहे हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और बड़ा रूप ले सकता है.







