इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर में लग्जरी कारों के कई शौकीन हैं. यहां आपको एक से बढ़कर एक लग्जरी कार दिख जाएंगी लेकिन विमल राठौड़ की विंटेज कारें जब सड़क पर निकलती हैं, तो लोग इन्हें देखते रह जाते हैं. इन कारों के सामने से गुजरते ही पुरानी कारों का दौर याद आ जाता है. कार के दीवानों पर तो विंटेज कारों का अलग ही खुमार रहता है. विमल ने कहा कि उनके पास ये विंटेज कारें करीब 25 साल से हैं. एलॉय व्हील्स वाले जेड ब्लैक टायर, सॉलिड लोहे की बॉडी, ओल्ड स्टाइल का बोनट और पतले स्टीयरिंग के साथ सिल्वर रिंग्स वाली कारों को देखते ही लोगों को पुराने दिनों की याद आ जाती है.
उन्होंने बताया कि इसका एवरेज करीब 10 किमी प्रति लीटर है. इसे पूरी तरह से डिजाइन किया गया है. यह विंटेज कार फुली मॉडिफाइड है, जिसे उन्होंने पंजाब में बनवाया था. आज से 20 साल पहले इसे मॉडिफाई करवाने में ही उन्हें 16 लाख रुपये लगे थे. डोर से लेकर स्टीयरिंग और सीट कवर तक को रॉल्स रॉयस की तरह ऑरेंज लेदर टच दिया गया है, जिससे इसका शाही अंदाज बरकरार रहे. गाड़ी के फ्रंट पर भी एक बड़ा सा साइन है, जो रॉयल सिंबल के रूप में बोनट पर नजर आता है.
इन हस्तियों को कराई कार की सवारी
उन्होंने आगे बताया कि वह इस गाड़ी को शादी-बारात और बड़े-बड़े संतों के स्वागत के लिए इस्तेमाल करते हैं. कई लोग बर्थडे पार्टी में भी इसे मांगते हैं. अब तक वह बागेश्वर बाबा पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, जगद्गुरु शंकराचार्य समेत कई हस्तियों को बिठाकर सवारी करा चुके हैं. इस गाड़ी की डिमांड इतनी है कि वह राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र तक गाड़ी को ले जा चुके हैं.
प्री वेडिंग शूट के लिए भी डिमांड
विमल राठौड़ ने कहा कि अमूमन 10 से 15 हजार रुपये एक कार्यक्रम के लगते हैं. एक साथ गैरेज में खड़ी दो विंटेज कारें आपको अलग अनुभव देती हैं और पुराने दौर की याद दिलाती हैं. देखने में भले ही ये 100 साल पुरानी लगें लेकिन इनके अंदर का इंजन और फीचर्स नए दौर के हैं. राजनीतिक कार्यक्रमों और प्री वेडिंग शूट के लिए भी उनकी कार की डिमांड रहती है.




