उज्जैन. सनातन परंपरा में माघ मास को साधना, सेवा और पुण्य अर्जन का सर्वोत्तम समय माना गया है. इस पावन माह की पूर्णिमा तिथि शास्त्रों में विशेष पुण्यदायी बताई गई है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन गंगा सहित पवित्र नदियों में किया गया स्नान जन्मों के संचित दोषों से मुक्ति दिलाता है और पुण्य में वृद्धि करता है. मान्यता है कि इस दिन तुलसी के कुछ प्रमुख उपाय करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस साल माघ पूर्णिमा का पर्व अत्यंत शुभ योगों में पड़ रहा है, जिससे इस दिन किया गया दान-पुण्य, जप-तप और धार्मिक अनुष्ठान कई गुना फल प्रदान करता है.
माघ पूर्णिमा केवल धन और समृद्धि ही नहीं बल्कि मन को शांति, जीवन को सकारात्मक ऊर्जा और आत्मिक संतुलन भी प्रदान करती है. ऐसे में आइए जानते हैं उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज से कि फरवरी माह में माघ पूर्णिमा की तिथि कब है और इस पावन पर्व का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व क्या बताया गया है.
कब है माघ पूर्णिमा?
वैदिक पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि 01 फरवरी रविवार के दिन सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर शुरू होगी. वहीं इस तिथि का समापन 02 फरवरी को सोमवार के दिन तड़के 03 बजकर 38 मिनट पर हो जाएगा. सूर्योदय के समय पूर्णिमा तिथि 01 फरवरी को विद्यमान रहेगी, इसलिए इस साल माघ पूर्णिमा 01 फरवरी को मनाई जाएगी.
जरूर करें ये उपाय
1. यदि आप अपने घर में सुख, शांति और समृद्धि का वास चाहते हैं, तो इस पावन दिन तुलसी का नया पौधा अवश्य स्थापित करें. वास्तु एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाने से घर से नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं. इस शुभ दिशा में विराजित तुलसी माता से वातावरण शुद्ध होता है और घर में सकारात्मक और दिव्य ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है, जिससे परिवार में खुशहाली और मानसिक शांति बनी रहती है.
2. यदि व्यवसाय या नौकरी में लगातार बाधाएं आ रही हों और प्रयासों के बावजूद सफलता हाथ न लग रही हो, तो इस दिन तुलसी की एक पवित्र टहनी लें. उसे पीले वस्त्र में बांधकर अपने धन से जुड़े स्थान जैसे- ऑफिस, दुकान या तिजोरी में सुरक्षित रूप से रखें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से आर्थिक अड़चनें धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं, रुका हुआ धन प्रवाह में आता है और करियर और व्यापार में उन्नति के नए अवसर बनने लगते हैं.
3. माघ पूर्णिमा के दिन प्रातःकाल उठकर तुलसी माता के 11 पवित्र पत्ते अर्पण भाव से लें. पत्ते लेने से पूर्व तुलसी माता से मन ही मन क्षमा प्रार्थना करें. इसके बाद इन पत्तों को लाल वस्त्र में बांधकर घर के मुख्य द्वार की चौखट पर श्रद्धापूर्वक स्थापित करें. मान्यता है कि यह उपाय आर्थिक परेशानियों को दूर करने में सहायक है और साथ ही मां लक्ष्मी की विशेष कृपा से घर में धन, वैभव और समृद्धि का वास होता है.
















Users Today : 4
Total Users : 15227
Views Today : 4
Total views : 27915
Who's Online : 1
Server Time : February 25, 2026 5:21 am