दोस्ती, प्यार और फिर लिव-इन पार्टनर की हत्या… दिल्ली के तिमारपुर थाना क्षेत्र के गांधी विहार इलाके में 6 अक्टूबर हुई यूपीएससी एस्पिरेंट रामकेश मीणा की मौत के मामले का खुलासा पुलिस ने कर लिया है. शुरुआत में पुलिस इसे एसी ब्लास्ट की घटना मानकर चल रही थी, लेकिन धीरे-धीरे जांच आगे बढ़ती गई और पूरे मामले का खुलासा होता चला गया. इस मामले में रामकेश की गर्लफ्रेंड उसके पूर्व प्रेमी सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस के मुताबिक, उन्हें 6 अक्टूबर को गांधी विहार इलाके की एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली. आनन-फानन में पुलिस और फायर बिग्रेड की टीमें मौके पर पहुंच गई. काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब घर पूरी तरह से खाक हो गया था. इस दौरान जब फ्लैट के अंदर तलाशी ली गई तो रामकेश मीणा का शव जला हुआ मिला. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और फिर उसके परिजनों की घटना की सूचना दी. पुलिस शुरुआत में इसे एसी ब्लास्ट के कारण हुआ हादसा मान रही थी.
CCTV फुटेज से खुला हत्या का राज
हालांकि, शव की हालत और कमरे की स्थिति ने पुलिस को हैरानी में डाल दिया. मामले की जांच करते हुए पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू किए. इस दौरान 5 अक्टूबर की रात एक फुटेज में दो नकाबपोश युवक बिल्डिंग में दाखिल होते हुए दिखे. इसके बाद रात करीब 2 बजकर 57 मिनट पर एक युवती उनमें से एक के साथ बाहर आती दिखी. इसके कुछ देर बाद रामकेश के फ्लैट में आग लग गई थी.
नकाबपोश व्यक्ति के साथ निकली युवक की पहचान अमृता चौहान के तौर पर हुई, जो कि रामकेश मीणा की लिव-इन पार्टनर थी. पुलिस ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद आया. पुलिस ने घटना वाले दिन उसके मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की तो वह गांधी विहार में ही आई. इन तमाम इशारों से पुलिस का उस पर शक गहरा गया. पुलिस ने अमृता की गिरफ्तारी के लिए मुरादाबाद में कई जगह छापेमारी की.
अमृता ने कबूला जुर्म
18 अक्टूबर को पुलिस ने अमृता को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने अमृता से जब सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया. उसने पुलिस को अपने दोनों साथियों के नाम भी बताए. पुलिस के एक्स-बॉयफ्रेंड सहित उसके साथी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. अमृता और उसके बॉयफ्रेंड ने मिलकर हत्या की पूरी योजना बनाई थी. तीनों आरोपियों ने मिलकर पहले रामकेश का गला घोंटा और फिर शरीर पर तेल, घी और शराब डालकर जलाने की कोशिश की.
इस पॉइंट पर हुआ पुलिस को शक
इसी बीच सबूतों को मिटाने और हत्या को हादसे दिखाने के लिए गैस सिलेंडर का वॉल्व खोलकर आग लगा दी गई थी. पुलिस को जांच के दौरान रामकेश का शव सामान्य रूप से ज्यादा जली हुई अवस्था मिली है. शव इतना ज्यादा जल गया था कि कुछ हड्डियां तक पिघल गई थीं. इसके के चलते पुलिस को मामला हादसे से ज्यादा प्लानिंग वाली हत्या का लगने लगा था.
















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