भोपाल। प्रदेश के बजट में आधी आबादी यानी महिलाओं को प्राथमिकता मिलेगी। इन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए नारी सशक्तीकरण मिशन को गति दी जाएगी। उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहन तो दिया ही जाएगा, स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को बढ़ाया जाएगा। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्हें गो पालन से भी जोड़ा जाएगा।
गरीबों को स्वनिधि योजना के माध्यम से छोटे-छोटे ऋण सरकार अपनी गारंटी पर उपलब्ध कराने की योजना को न केवल जारी रखेगी, बल्कि इसे विस्तार भी दिया जाएगा। प्रदेश सरकार बजट को लेकर जिस तरह से तैयारी कर रही है, उसमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ज्ञान यानी गरीब, युवा, अन्नदाता और गरीब पर फोकस रहेगा।
नारी शक्ति के सशक्तीकरण का होगा लक्ष्य
- नारी सशक्तीकरण मिशन में निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सभी विभागों द्वारा महिलाओं पर किए जाने वाले खर्च को जेंडर बजट के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। महिलाओं को स्वरोजगार के लिए स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इनके द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ई-मार्केट के साथ विभिन्न हाट-बाजारों में काउंटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास के साथ नगरीय विकास को सुविधा विकसित करने बजट उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही आजीविका मिशन की गतिविधियों को विस्तार देने के लिए भी वित्तीय प्रविधान होंगे।
- लाड़ली बहना को डेढ़ हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से अभी भुगतान हो रहा है। इसके लिए 2025-26 में 18,669 करोड़ रुपये का प्रविधान रखा गया था। इसे बढ़ाकर बीस हजार करोड़ किया जाएगा। लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए भी एक हजार करोड़ रुपये से अधिक रखने की तैयारी है।
- स्टार्टअप, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम करने वाली महिलाओं को प्रोत्साहन के लिए अनुदान का प्रविधान यथावत रखा जाएगा तो लखपति दीदी को स्थायी रोजगार से जोड़ने की पहल होगी। कामकाजी महिलाओं के लिए वर्तमान बजट में चार हास्टल बनाने की घोषणा की गई थी, इसे विस्तार दिया जा सकता है।
- युवा की क्षमता का उपयोग सरकार देश और प्रदेश के विकास में करने की कार्ययोजना पर काम कर रही है। कॉलेजों में रोजगारपरक कोर्स को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिसे आगामी बजट में बढ़ाया जाएगा। कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था और सशक्त बनाई जाएगी।
युवाओं के जीवन को संवारने पर रहेगा जोर
युवा उद्यमी योजना लागू रहेगी तो 50 हजार से अधिक रिक्त सरकारी पद भरे जाएंगे। कृषि स्नातक युवा यदि कोई कृषि आधारित उद्योग लगाते हैं तो उन्हें छूट दी जाएगी। निवेश को प्रोत्साहित करके स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम तो कर ही रही है, स्वरोजगार के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने रोजगार मेले प्रतिमाह लगाए जाएंगे। इनके सम्मेलन भी होंगे ताकि दूसरे युवा भी प्रेरित हों और रोजगार मांगने वाले नहीं रोजगार देने वाले बनें।
कर्मचारियों का रखा जाएगा ध्यान
बजट में राज्य लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षाओं में संशोधन की घोषणा भी हो सकती है। इसी तरह गरीब कल्याण के लिए स्वनिधि योजना को जारी रखने का प्रविधान भी किया जाएगा। जो पथ विक्रेता बैंक से सरकार द्वारा अपनी गारंटी पर दिलाए ऋण का भुगतान कर देगा, उसे 20 और फिर 50 हजार रुपये तक बिना किसी गारंटी के ऋण मिलेगा।
















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