Tuesday, September 22, 2026
  • भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट
  • संपर्क
  • लॉगिन
MP Ki Awaaz
  • मुख्यप्रष्ठ
  • इंदौर
  • उज्जैन
  • आगर
  • देवास
  • मध्यप्रदेश
    • खंडवा
    • ग्वालियर
    • छतरपुर
    • देवास
    • नरसिंहपुर
    • नागदा
    • भोपाल
    • मंदसौर
    • मंदसौर
    • रतलाम
    • शाजापुर
    • शुजालपुर
    • सारंगपुर
    • सांवेर
  • राज्य
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • दिल्ली/NCR
    • पंजाब
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
      • मुंबई
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • धार्मिक
  • लाइफ स्टाइल
No Result
View All Result
MP Ki Awaaz
Media Tie-up with Lead India
RNI: DELHIN/2015/64915
National Newspaper & News Agency
  • मुख्यप्रष्ठ
  • इंदौर
  • उज्जैन
  • आगर
  • देवास
  • मध्यप्रदेश
  • राज्य
  • देश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • लाइफ स्टाइल
  • धार्मिक
  • भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट
  • संपर्क
  • लॉगिन
ब्रेकिंग
तेजा दशमी पर अरलावदा में निकली भव्य शोभायात्रा इंदौर में डोल ग्यारस को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी, जानें वैकल्पिक मार्ग बागली में नकबजनी का 24 घंटे में खुलासा, चार महिला आरोपी गिरफ्तार ऑपरेशन त्रिनेत्रम्” के तहत सोनकच्छ पुलिस की कार्यवाही—गायत्री मंदिर में चोरी का खुलासा, 02 आरोपी गिर... मध्यरात्रि में देवास पुलिस की सघन निगरानी—533 वाहनों की चेकिंग, 03 संदिग्ध मोटरसाइकिलें सत्यापन हेतु... मध्यप्रदेश में IHRCT ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी सुभाष चंद्र दुबे बने प्रदेश अध्यक्ष, सुरेखा दुबे को उज... डायल-112 एवं बागली पुलिस की तत्परता से टावर पर चढ़ी महिला को सुरक्षित नीचे उतारा देवास जिले के सतवास थाने में IHRCT टीम का आत्मीय स्वागत, टीम ने की भगवान श्री गणेश जी की प्रथम आरती जबलपुर की महत्वपूर्ण बैठक मेँ जन जागरूकता एवं सामाजिक कार्यों को बढ़ावा देने पर दिया जोर

अल-अक्सा के नीचे क्या खेल हो रहा है? इस एक सुरंग पर क्यों गहराया अंतरराष्ट्रीय विवाद

Bhavesh Nahar by Bhavesh Nahar
September 17, 2025
in इंदौर

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने हाल ही यरुशलम में एक नई अंडरग्राउंड सुरंग का उद्घाटन किया. जैसे ही ये खबर सामने आई, पूरे फिलिस्तीन और दुनियाभर में हंगामा मच गया.

लोगों का कहना है कि ये सुरंग कोई साधारण पुरातत्व परियोजना नहीं है बल्कि यरुशलम की पहचान बदलने और फिलिस्तीनियों को वहां से हटाने की कोशिश है. आइए जानते हैं इस टनल के बारे में विस्तार से, आखिर क्यों इसके उद्घाटन से बवाल मचा हुआ है.

सुरंग कहां से कहां तक?

ये सुरंग लगभग 600 मीटर लंबी है. इसकी शुरुआत यरुशलम के सिलवान मोहल्ले से होती है और ये पक्षिमी दीवार, जिसे बुराक की दीवार भी कहते हैं, के पास खत्म होती है. इजराइली सरकार और सिटी ऑफ डेविड नाम की एक संस्था इसे एक पुरानी धार्मिक और ऐतिहासिक जगह बताती है.

मगर फिलिस्तीनी और मानवाधिकार समूहों का कहना है कि ये खुदाई सीधे उनके घरों और मोहल्लों के नीचे हो रही है. इससे न सिर्फ उनके मकान कमजोर हो रहे हैं बल्कि अल-अक्सा मस्जिद को भी खतरा है, जो मुसलमानों की सबसे पवित्र जगहों में से एक है.

अल-अक्सा मस्जिद को क्यों खतरा?

अल-अक्सा मस्जिद को खतरा इसलिए है क्योंकि इजराइल जिस सुरंग (टनल) की खुदाई कर रहा है, वह मस्जिद के बहुत नजदीक और उसके नीचे के इलाके से होकर गुजरती है. ये खुदाई पुराने घरों और जमीन की नींव को कमजोर कर रही है. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार खुदाई से जमीन धंस सकती है और मस्जिद की बुनियाद हिल सकती है. इससे उसकी दीवारों और ढांचे पर असर पड़ सकता है. फिलिस्तीनी लोगों को डर है कि धीरे-धीरे इस बहाने इजराइल वहां का नक्शा बदल देगा और मस्जिद के आसपास की पहचान मिटा देगा.

रुबियो के आने पर क्यों मचा बवाल?

असल सवाल ये है कि अमेरिका के विदेश मंत्री रुबियो इस उद्घाटन में क्यों शामिल हुए. बहुत से जानकारों का मानना है कि उनकी मौजूदगी का मतलब है कि अमेरिका खुलकर इजराइल का साथ दे रहा है. जानकार इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बता रहे हैं. संयुक्त राष्ट्र ने साफ कहा है कि पूर्वी यरुशलम कब्जा किया हुआ इलाका है, लेकिन रुबियो की मौजूदगी से लगता है कि अमेरिका इजराइल को हरी झंडी दे रहा है.

सिटी ऑफ डेविड और बसावट की राजनीति

इस सुरंग को सिटी ऑफ डेविड नामक जगह से जोड़ा गया है. यहां का संचालन एलाद नामक यहूदी सेटलर संगठन करता है. इस संगठन पर आरोप है कि यह फिलिस्तीनियों के घर खरीदकर या कब्जा करके उन्हें बाहर कर रहा है और धीरे-धीरे इलाके को यहूदी बस्ती में बदल रहा है.

संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने भी कहा है कि एलाद की गतिविधियां कानून के खिलाफ हैं. इजराइल समर्थक लोग इसे पुरानी धार्मिक जगह बताते हैं, लेकिन कई मानवाधिकार संगठन इसे राजनीति से जोड़े हुए देखते हैं. पीस नाउ नामक इज़राइली संगठन ने कहा कि रुबियो का वहां जाना मतलब है कि अमेरिका यरुशलम पर इज़राइल का पूरा दावा मान रहा है.

Previous Post

बिना अंडरवियर खरीदे ही इस कंपनी ने किया कमाल, हर शेयर पर 2000 रुपए का मिला फायदा

Next Post

इस एक्टर को 18 की उम्र में सलमान खान की बहन से हुआ था प्यार, 350 करोड़ी फिल्म में बन चुका विलेन

Related News

इंदौर

September 22, 2026
इंदौर

इंदौर में डोल ग्यारस को लेकर ट्रैफिक प्लान जारी, जानें वैकल्पिक मार्ग

September 22, 2026
इंदौर

मध्यप्रदेश में IHRCT ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी सुभाष चंद्र दुबे बने प्रदेश अध्यक्ष, सुरेखा दुबे को उज्जैन संभाग की कमान

September 21, 2026
इंदौर

ऑपरेशन प्रहार के तहत थाना बैंक नोट प्रेस पुलिस की कार्यवाही

September 17, 2026
इंदौर

फेसबुक पर सीरियल का अगला एपिसोड दिखाने के नाम पर साइबर ठगी का नया तरीका

September 12, 2026
इंदौर

इंदौर में साइबर अपराधों पर शिकंजा कसने की तैयारी, ज़ोन-02 की साइबर टीम को दिया विशेष प्रशिक्षण

September 9, 2026
Next Post

इस एक्टर को 18 की उम्र में सलमान खान की बहन से हुआ था प्यार, 350 करोड़ी फिल्म में बन चुका विलेन

फॉलो करें

  • Contact us
  • Terms and Conditions
  • Privacy Policy

MP Ki Awaaz © 2025, All Rights Reserved - Design & Developed by SMC Web Solution.

YouTube Instagram X Channel
No Result
View All Result
  • मुख्यप्रष्ठ
  • इंदौर
  • उज्जैन
  • आगर
  • देवास
  • मध्यप्रदेश
    • खंडवा
    • ग्वालियर
    • छतरपुर
    • देवास
    • नरसिंहपुर
    • नागदा
    • भोपाल
    • मंदसौर
    • मंदसौर
    • रतलाम
    • शाजापुर
    • शुजालपुर
    • सारंगपुर
    • सांवेर
  • राज्य
    • उत्तरप्रदेश
    • उत्तराखंड
    • गुजरात
    • गोवा
    • छत्तीसगढ़
    • दिल्ली/NCR
    • पंजाब
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
      • मुंबई
    • राजस्थान
    • हरियाणा
    • हिमाचल प्रदेश
  • देश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • व्यापार
  • धार्मिक
  • लाइफ स्टाइल
  • भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट
  • संपर्क
  • लॉगिन

MP Ki Awaaz © 2025, All Rights Reserved - Design & Developed by SMC Web Solution.

🔊
लेख सुनें (Play)