जालंधर: डिप्टी कमिश्नर डा. हिमांशु अग्रवाल ने देर रात राहत केंद्रों का दौरा कर प्रबंधों का जायजा लिया। उन्होंने राहत केंद्रों में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी लगन व मेहनत से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में पहले से उचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को उचित ढंग और समर्पण भावना के साथ राहत प्रदान की जा सके।
पंजाब सरकार की वचनबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुविधा के लिए जिले में 54 राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां मैडिकल सुविधाओं के अलावा हर जरूरी सहायता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 8 राहत केंद्र मौजूदा समय कार्यशील है, जहां संवेदनशील इलाकों के निवासियों को एहतियात के तौर पर तबदील किया गया है। वहां रह रहे परिवारों से मुलाकात कर उन्होंने विश्वास दिलाया कि घबराने की जरूरत नहीं है, पंजाब सरकार उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि बाढ़ से संबंधित जानकारी और सहायता के लिए एक बाढ़ कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर 0181-2240064 है। उन्होंने बताया कि सोमवार शाम को रोपड़ से 1.14 लाख क्यूसिक पानी आने के बाद सतलुज में जलस्तर बढ़ेगा, इसलिए एहतियात के तौर पर जरूरी कदम उठाना आवश्यक है। उन्होंने निचले और बाढ़ संभावित इलाकों के लोगों से अपील की कि बाढ़ जैसी स्थिति से बचने के लिए वे नदी के किनारों के पास जाने से बचें और जरूरत पड़ने पर ऊंचे स्थानों पर स्थापित राहत कैंपों में चले जाएं। डा.अग्रवाल ने लोगों से नदी के किनारों पर जाने से परहेज करने की अपील की। उन्होंने बताया कि संवेदनशील गांवों में प्रशासकीय टीमें तैनात की गई हैं और लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने बिना किसी काम के सतलुज के बांध पर एकत्र न होने की अपील भी की। इस अवसर पर एस.डी.एम. शुभी आंगरा, डी.एस.पी. ओंकार सिंह बराड़, डी.आर. ओ. नवदीप सिंह भोगल और नोडल अधिकारी सचिव आर.टी.ए बलवीर राज सिंह भी मौजूद थे।
















Users Today : 6
Total Users : 17648
Views Today : 6
Total views : 30871
Who's Online : 0
Server Time : June 27, 2026 6:21 pm