जम्मू के एक स्पेशल जज ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की ओर से दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया है जिसमें पहलगाम हमले में शामिल आतंकवादियों को शरण देने के आरोप में दो आरोपियों का पॉलीग्राफ यानी नार्को टेस्ट कराने की इजाजत मांगी गई थी. इसे झूठ पकड़ने वाला टेस्ट भी कहा जाता है. एडिशनल सेशन जज संदीप गंडोत्रा ने कहा कि नार्को एनालिसिस और पॉलीग्राफ टेस्ट जैसी वैज्ञानिक तकनीकों का अनैच्छिक प्रयोग संविधान के अनुच्छेद 20 (3) के तहत प्रदत्त ‘स्वयं के खिलाफ गवाही न देने के अधिकार’ का उल्लंघन होगा.
कोर्ट ने 29 अगस्त के फैसले में कहा, ‘इस अधिकार का मूल आधार यह है कि अदालत में सबूत के तौर पर जो बयान पेश किए जाएं, वे भरोसेमंद और स्वेच्छा से दिए गए हों. किसी भी बड़े सार्वजनिक हित का हवाला देकर ऐसे संवैधानिक अधिकारों जैसे कि स्वयं के खिलाफ गवाही न देने का अधिकार को कमजोर नहीं किया जा सकता.’
















Users Today : 2
Total Users : 16706
Views Today : 2
Total views : 29650
Who's Online : 0
Server Time : May 10, 2026 11:10 am