📰 “चाय से मानवता तक – जीवन लाल चाय वाले की कहानी कविता में”
#कलम_की_खनक_फाउंडेशन
#विषय_चित्र आधारित हास्य कविता
#दिनांक: 04/02/2026
#स्वरचित
☕ “जीवन लाल चाय वाले”
मेरे मामा बड़े निराले कहलाते,
जीवन लाल चाय वाले।
बनाते कड़क-मीठी चाय,
बड़े दिल वाले कहलाते।
तुम भी पियो इनकी चाय,
अपना दिन खास बना लो।
केतली में चाय भर ली,
चाय-चाय में ही दुनिया जीत ली।
कोरोना में चाय पिलाकर,
मानवता की मिसाल बना ली।
ज़रूरतमंद को खाना-चाय देकर,
अपनी सेवा को धर्म बना ली।
चाय की केतली हाथों में लेकर,
अपनी अलग पहचान बना ली।
रच डाला इतिहास मानव सेवा का,
लोगों को अपने हाथों से चाय पिला दी।
जब झेल रहा था देश महामारी,
छूने पर भी रोक लगा दी।
बाहर निकलना हुआ बंद सभी का,
पर इन्होंने अपनी परवाह भुला दी।
कर न सके जो दिग्गज लोग,
इन्होंने वो कर डाली।
खुद की परेशानियों को भूलकर,
दूसरों की तकलीफ अपना ली।
हंसी-मज़ाक में सबसे आगे,
चाय के कप संग राहत दे दी।
हंसते-हंसते चाय बांटते,
अपने साथ चाय को भी फेमस बना ली।
✍️

रचनाकार
काजल मनीष जैन
📍 राजस्थान
















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