हिमाचल प्रदेश की धौलाधार की पहाड़ियों में लापता हुई कनाडा की पैराग्लाइडर पायलट मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स का शव मिल गया है. मैगन एलिज़ाबेथ का शव धौलाधार की तलहटी में बरामद हुआ है. कांगड़ा की एडीएम शिल्पी वेक्टा ने बताया कि 19 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि 27 वर्षीय ओटावा निवासी मैगन एलिज़ाबेथ ने बीड़-बिलिंग से सोलो फ्लाइट भरी थी, लेकिन उड़ान के दौरान वह ऊंचाई वाले इलाके में रास्ता भटक गईं और धौलाधार की पहाड़ियों में लापता हो गईं.
सूचना मिलते ही प्रशासन ने रेस्क्यू टीम को आदी हिमानी चामुंडा की पहाड़ियों की ओर रवाना किया. सुबह के समय हेलीकॉप्टर की मदद से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. इलाके में घने बादल और ऊंचाई के कारण ऑपरेशन बेहद कठिन था. हेलीकॉप्टर वहां लैंड नहीं कर सका, जिसके चलते टीम को एयरड्रॉप किया गया.
कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने महिला पैराग्लाइडर को मृत अवस्था में ढूंढ निकाला. शव को कांगड़ा लाया गया है और टांडा मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया गया है. एडीएम शिल्पी वेक्टा ने बताया कि यह सोलो फ्लाइंग थी, इसलिए मामले की जांच की जाएगी. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा.
कैसे हुआ रेस्क्यू?
मेगन एलिजाबेथ रॉबर्ट्स ने शनिवार सुबह करीब 9:45 बजे बीड़-बिलिंग से उड़ान भरी थी. लापता होने की जानकारी होने के बाद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया. प्रशासन को आशंका थी कि वो ऊपरी धर्मशाला या त्रिउंड क्षेत्र में फंस गई होंगी.
निर्धारित समय पर लैंडिंग न करने पर बीड़ पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन (BPA) ने प्रशासन को सूचना दी. इसके बाद खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया गया. कांगड़ा की एडीएम शिल्पी बेक्टा ने बताया कि बीपीए को निजी हेलीकॉप्टर से सर्च ऑपरेशन चलाने की विशेष अनुमति दी थी. बीड़-बिलिंग से लेकर धर्मशाला तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया.
रविवार सुबह से निजी हेलीकॉप्टर के माध्यम से हवाई खोज अभियान शुरू किया गया, जबकि जमीनी स्तर पर स्थानीय प्रशासन, पुलिस दल, बीपीए सदस्य और पहाड़ी बचाव टीम भी सर्च अभियान में जुटे थे. इसके बाद उनका शव धौलाधर की तलहटी में मिला.
बीड़-बिलिंग क्यों है पैराग्लाइडर की पहली पसंद?
हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला से करीब 65 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद बीड़-बिलिंग पैराग्लाइडर्स के लिए जन्नत माना जाता है. यह पैराग्लाइडिंग क्षेत्र अत्यधिक ऊंचाई पर स्थित है. यहां मौसम में अचानक बदलाव के कारण पैराग्लाइडर पायलटों के फंसने या रास्ता भटकने की संभावना बनी रहती है.
कांगड़ा जिले में जोगिंदर नगर घाटी के पश्चिम में मौजूद गांव बीड़ अपनी धौलाधर पहाड़ी की खूबसूरत रेंज के लिए मशहूर है. इस जगह को भारत का पैराग्लिडिंग कैपिटल भी कहा जाता है. ईको टूरिज्म के लिए मशहूर बीड़ में ही पैराग्लाइडिंग वर्ल्ड कप का आयोजन किया जाता है.
इसमें तमाम पैराग्लाइडर्स पूरी दुनिया से यहां पहुंचते हैं और हवा में करतब दिखाते हैं. पैराग्लिडिंग की टेकऑफ साइट बिलिंग में है और लैंडिंग साइट बीड़ में है. इसलिए इसे ‘बीड बिलिंग’ के नाम से जाना जाता है.
















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