उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में अवैध रूप से रह रहे 38 बांग्लादेशी नागरिकों को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच उनके देश बांग्लादेश के लिए रवाना कर दिया गया. ये सभी फरवरी 2023 में पुलिस की बड़ी कार्रवाई में गिरफ्तार हुए थे और विदेशी अधिनियम के तहत तीन वर्ष की सजा काट चुके हैं. सजा पूरी होने के बाद अब इन्हें सीमा पार कर उनके देश भेजा जा रहा है.
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि फरवरी 2023 में सिकंदरा थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी सेक्टर-13 में एक झुग्गी-झोपड़ी बस्ती का भंडाफोड़ हुआ था. यहां छिपकर रह रहे 27 बांग्लादेशी (15 पुरुष, 12 महिलाएं) पकड़े गए थे. इनके साथ 6 लड़की और 5 बच्चे भी थे. जांच में ये सभी अवैध रूप से भारत में दाखिल हुए पाए गए और कबाड़ का काम करके गुजारा कर रहे थे.
कोर्ट ने सुनाई थी तीन साल की सजा
डीसीपी ने बताया कि कुल 38 बांग्लादेशी अवैध रूप से आगरा में रह रहे थे. कोर्ट ने सभी वयस्कों को विदेशी अधिनियम के तहत तीन साल की सजा सुनाई थी. सजा पूरी होने के बाद जिला जेल से रिहा किए गए इन लोगों को शनिवार को विशेष बसों में बैठाकर पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया. वहां उन्हें बीएसएफ और आईबी के सुपुर्द किया जाएगा. 13 जनवरी 2026 को सभी को औपचारिक रूप से इंडो-बांग्लादेश सीमा पार कर बांग्लादेश भेज दिया जाएगा.
पहले भी हो चुकी है इस तरह की कार्रवाई
यह कार्रवाई भारत सरकार की अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त नीति का हिस्सा है. उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में इस तरह की कई कार्रवाई हो चुकी है. जिनमें सैकड़ों अवैध बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर सजा दी गई और सजा पूरी होने पर उन्हें उनके देश को प्रत्यर्पित किया गया. पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया कानूनी मानकों और दोनों देशों के बीच तय प्रोटोकॉल के तहत पूरी की जा रही है. बीएसएफ ने पहले ही बांग्लादेश की सुरक्षा एजेंसियों को सूचना दे दी है. यह घटना एक बार फिर सीमा सुरक्षा और अवैध प्रवासन रोकने की चुनौती को रेखांकित करती है.
















Users Today : 8
Total Users : 18289
Views Today : 8
Total views : 31604
Who's Online : 0
Server Time : July 27, 2026 10:52 am