इंदौर हाईकोर्ट की एडवोकेट श्रीमती अभिजीता सिंह राठौर ने अंगदान कर रच दिया इतिहास
मानवता की मिसाल बनी उज्जैन की बहू, आठ लोगों को दिया नया जीवन
इंदौर हाईकोर्ट की एडवोकेट श्रीमती अभिजीता सिंह राठौर ने अपने निधन के बाद भी मानवता की अमिट मिसाल छोड़ दी।
उज्जैन के चिमनगंज मंडी क्षेत्र निवासी राठौर परिवार की बहू एवं राठौर क्षत्रिय महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री रतन सिंह राठौर (पी.पी. साहब इंदौर) की सुपुत्री अभिजीता राठौर को कुछ दिन पूर्व गंभीर बीमारी के चलते इंदौर के जुपिटर हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। चार दिनों के उपचार के बाद डॉक्टरों की पैनल ने उन्हें ब्रेन डेड घोषित किया।
इस पीड़ादायक समय में भी परिवार ने समाज के लिए प्रेरणादायक निर्णय लिया — अंगदान का। महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय तथा डॉक्टरों की टीम के आग्रह पर राठौर परिवार ने स्वर्गीय अभिजीता राठौर के अंगदान के लिए सहमति दी।
डॉक्टरों ने उनका दिल, लीवर, फेफड़े और दोनों किडनी ट्रांसप्लांट हेतु निकाले। इंदौर प्रशासन ने ग्रीन कॉरिडोर बनाकर अंगों को देश के विभिन्न शहरों में जरूरतमंद मरीजों तक पहुँचाया।
इस महान कार्य से आठ लोगों को नया जीवन मिला।
राठौर क्षत्रिय महासभा, पदमवंशी मारवाड़ी सर्व राठौर समाज एवं संपूर्ण उज्जैन-इंदौर क्षेत्र ने इस मानवता भरे निर्णय की सराहना की है।
इंदौर जिला प्रशासन की ओर से “गार्ड ऑफ ऑनर” देकर स्वर्गीय एडवोकेट अभिजीता सिंह राठौर को अंतिम विदाई दी गई।





