ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है. हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि देशभर में मार्शल लॉ लगाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं. इंटरनेट पर सूचनाओं की बाढ़ भी है और उसी के बीच अब एआई (AI) से बने फर्जी वीडियो भी जमकर वायरल हो रहे हैं.
इन वीडियो के जरिए ईरान की स्थिति को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लग रहा है, खुद ईरान के विदेश मंत्री ने इसे मिसइन्फॉर्मेशन कैंपेन यानी दुष्प्रचार बताया है. आइए जानते हैं किस तरह के वीडियो वायरल कर भ्रम फैलाया जा रहा है.
AI वीडियो से फैलाया जा रहा भ्रम
इन सबके बीच अब एआई से बनाए गए वीडियो भी तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. अमेरिका की डिसइन्फॉर्मेशन वॉचडॉग NewsGuard ने खुलासा किया है कि ईरान के प्रदर्शनों से जुड़े कम से कम 7 AI-जनरेटेड वीडियो सामने आए हैं, जिन्हें सरकार समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों ने शेयर किया. इन वीडियो को अब तक करीब 35 लाख बार देखा जा चुका है. इनमें से एक वीडियो में महिलाओं को ईरानी अर्धसैनिक बल बसीज के वाहन को तोड़ते हुए दिखाया गया है. यह वीडियो एलन मस्क के प्लेटफॉर्म X पर करीब 7.2 लाख व्यूज बटोर चुका है.
मौतों के आंकड़ों को लेकर अलग-अलग दावे
नॉर्वे स्थित मानवाधिकार संगठन ईरान ह्यूमन राइट्स (IHR) का कहना है कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के दौरान अब तक कम से कम 3,428 लोगों की मौत हो चुकी है और 10,000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं ईरान इंटरनेशनल ने इससे भी बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देशभर में अब तक करीब 12,000 लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें से ज्यादातर की मौत गोली लगने से हुई है.
ईरान के विदेश मंत्री का पलटवार
मौतों के आंकड़ों और वायरल वीडियो पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने सख्त प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि ये सभी दावे निराधार हैं. मौतों की संख्या सैकड़ों में है, हजारों में नहीं. यह पूरी तरह से बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है और यह एक सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान है.
















Users Today : 1
Total Users : 15224
Views Today : 1
Total views : 27912
Who's Online : 0
Server Time : February 25, 2026 2:10 am