पंजाब से आ रही हृदयविदारक तस्वीरों के बीच, जहां क्षेत्र पिछले चार दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है और 1300 से अधिक गांव जलमग्न हैं, अंधेरे के बीच मानवीयता की एक किरण उभरी है। आर्ट ऑफ़ लिविंग संस्था के स्वयंसेवक सीने तक पानी में उतरकर उन इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंच रहे हैं और हर बाधा के बावजूद उन्हें जीविका तथा राहत सामग्री उपलब्ध कराने में जुटे हुए हैं।
पंजाब के सबसे प्रभावित जिले – गुरदासपुर, कपूरथला, फिरोजपुर, पठानकोट, अमृतसर और बरनाला में 250 से अधिक आर्ट ऑफ़ लिविंग के स्वयंसेवक राहत कार्यों में सक्रिय हैं। अब तक 1,500 से अधिक प्रभावित लोगों तक सूखा राशन किट, दवाइयां, स्वच्छता सामग्री, अस्थायी आश्रय हेतु तिरपाल, पशुओं के लिए चारा और ताजा पकाया भोजन पहुंचाया जा चुका है। राहत कार्य प्रतिदिन जारी हैं। आज गढ़शंकर की 5 बस्तियों में स्वयंसेवकों ने तात्कालिक आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। होशियारपुर, जालंधर, गुरदासपुर और अमृतसर में लगातार बरसात से बचाव के लिए तिरपाल वितरित किए जा रहे हैं। होशियारपुर और गुरदासपुर जिलों में लगभग प्रतिदिन 200 सूखा राशन किट वितरित किए जा रहे हैं; प्रत्येक किट में 15 आवश्यक वस्तुएं तथा स्वच्छता से संबंधित उत्पाद सम्मिलित हैं। ये सभी प्रयास जनसहयोग और दान के माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं।
लगभग 12 हजार 600 गांवों में से करीब 11 हजार गांव बाढ़ व अनवरत वर्षा से प्रभावित हुए हैं, जिससे स्थिति गंभीर बनी हुई है। आर्ट ऑफ़ लिविंग का वर्तमान राहत चरण तात्कालिक बचाव और आपूर्ति पर केंद्रित है। जलस्तर घटने के बाद टीमें पुनर्वास कार्य आरंभ करेंगी, जिनमें स्वास्थ्य जाँच, श्री श्री तत्वा के माध्यम से दवाओं का वितरण तथा प्रभावित परिवारों के शारीरिक व भावनात्मक स्वास्थ्य को पुनर्स्थापित करने हेतु ध्यान और प्राणायाम आधारित ट्रॉमा रिलीफ़ कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।
















Users Today : 41
Total Users : 19483
Views Today : 43
Total views : 32938
Who's Online : 0
Server Time : August 26, 2026 11:56 pm