2020 में हुए दिल्ली दंगों की साजिश के आरोप में UAPA कानून के तहत जेल बंद एक्टिविस्ट उमर खालिद ने शुक्रवार को ट्रायल कोर्ट को बताया कि उनके खिलाफ बयान दर्ज करने का समय बेहद संदिग्ध था, क्योंकि जब दंगे हुए तब वह जेल के अंदर थे. उमर खालिद के वकील त्रिदीप पाइस ने अदालत से कहा, “अगर आपके पास सिर्फ बयान ही होंगे, तो मामला कहां जाएगा? यह पिछले पांच सालों से जिस तरह से चल रहा है, वैसा ही रहेगा. क्या हम अल्फा, बीटा और गामा को लेकर उनसे पूछताछ करेंगे?”
उमर खालिद के वकील ने कहा कि मुवक्किल के खिलाफ कोई बरामदगी या कोई फिजिकल सबूत नहीं मिले हैं. उमर खालिद ने कहा, “2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में 751 FIR दर्ज हैं. मैं एक (बड़ी साजिश के मामले) को छोड़कर किसी में भी आरोपी नहीं हूं.”
















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