दिल्ली में वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च की 17 छात्राओं से छेड़छाड़ के आरोपी चैतन्यानंद सरस्वती को पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, वह जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. पूछताछ में गोलमोल जवाब दे रहा है. उसे देखकर ऐसा नहीं लग रहा कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा हो.
बाबा के मोबाइल में एयरहोस्टेस के फोटो
पुलिस ने बताया कि बाबा ने कई एयर होस्टेस के साथ फोटो क्लिक करवाकर अपने फोन में रखे हैं. कई लड़कियों के वाट्सऐप की DP (डिस्पले पिक्चर) के स्क्रीन शॉट्स बाबा ने अपने मोबाइल फोन में रखे हुए थे. बाबा तभी जवाब दे रहा है, जब उसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत दिखाया जा रहा है.
वर्ष 1998 में दिल्ली के उपराज्यपाल ने वसंत कुंज स्थित शारदा पीठ को एक प्लॉट आवंटित किया था, जिस पर यह मठ बना हुआ है. आरोपी बाबा को केवल कुछ सीमित कार्यों के लिए मठ का अटॉर्नी नियुक्त किया गया था. लेकिन साल 2008 में उसने बिना अनुमति कुछ लोगों की मदद से संस्थान का नाम बदलकर श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट कर दिया. फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर करीब 40 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई और मठ की संपत्ति को बिना किसी आधिकारिक मंजूरी के किराए पर भी दिया गया.
बाबा के पास दो फर्जी पासपोर्ट
जांच में सामने आया कि बाबा के पास दो पासपोर्ट हैं. पहला पासपोर्ट उसने स्वामी पार्थ सारथी के नाम से बनवाया, जबकि दूसरा स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती के नाम से जारी कराया. 60 वर्षीय चैतन्यानंद सरस्वती अगस्त से फरार था, जिसे अब आगरा से गिरफ्तार किया गया. पुलिस का कहना है कि वह लगातार अपना भेष और ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था. उस पर 17 छात्राओं ने अश्लील हरकत और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है. श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च, शृंगेरी पीठ के अधीन संचालित होता है. इसी पीठ ने आरोपी चैतन्यानंद के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी.
















Users Today : 11
Total Users : 17235
Views Today : 12
Total views : 30392
Who's Online : 1
Server Time : June 6, 2026 2:00 pm