ईरान में विरोध-प्रदर्शन के बीच इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. तेहरान में विरोध-प्रदर्शन भड़काने में मोसाद का ही हाथ है. मोसाद के एजेंटों ने खुले तौर पर आम नागरिकों को खामेनेई सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरने के लिए उकसाया. इतना ही नहीं, एजेंटों के जरिए मोसाद ने ईरान में कई लोगों को हिंसा भड़काने की ट्रेनिंग भी दी.
द जेरूसलेम पोस्ट के मुताबिक यह पहली बार है, जब मोसाद ने खुले तौर पर ईरान में हिंसा भड़काने की बात को स्वीकार किया है. आमतौर पर खुफिया एजेंसी की गतिविधियां काफी सीक्रेट रहती है.
खामेनेई ने मोसाद का नाम लिया था
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने 9 जनवरी को एक बयान में साफ तौर पर कहा कि यह सब कुछ मोसाद और सीआईए (अमेरिकी खुफिया एजेंसी) के इशारे पर हो रहा है. ईरान में प्रदर्शनकारी मस्जिदें फूंक रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
इसके बाद ईरान ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त रूप अपनाया. मानवाधिकार संगठन के मुताबिक ईरान में प्रदर्शन को कंट्रोल करने के लिए खामेनेई की सेना ने 600 लोगों की हत्या कर दी है. ईरान का कहना है कि मारे गए अधिकांश आम नागरिक हैं, जो प्रदर्शनकारियों की चपेट में आ गए थे.
मोसाद के 10 से ज्यादा एजेंट अरेस्ट
ईरान की सरकार अब तक मोसाद से जुड़े 10 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. मंगलवार को भी ईरान ने मोसाद से जुड़े 2 एजेंट को अरेस्ट किया. इन दोनों के पास से ईरान की सेना ने नक्शे और वीडियो फुटेज बरामद किए. ईरान मोसाद के एक एजेंट को फांसी पर भी चढ़ाने की तैयारी कर रहा है.
ईरान सरकार के मुताबिक जून 2025 के बाद अजरबैजान के रास्ते उसके मुल्क में हथियार भेजे गए. इसके बाद स्थानीय स्तर पर उन लोगों को मोसाद ने ट्रेंड किया, जो सरकार के खिलाफ थे.
ईरान सरकार के मुताबिक पूरे प्रदर्शन को मोसाद के एजेंट ही मॉनिटर कर रहे हैं. सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने ईरान को मोसाद एजेंटों से मुक्त कराने की घोषणा की है.
















Users Today : 27
Total Users : 15250
Views Today : 34
Total views : 27945
Who's Online : 0
Server Time : February 25, 2026 12:36 pm