उत्तर प्रदेश के संभल जिले के सलेमपुर सालार गांव में शुक्रवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की. यहां करीब ढाई हजार वर्ग मीटर में बने एक अवैध मदरसे को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया. यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही शिकायतों और जांच के बाद की गई. प्रशासन के मुताबिक इस मदरसे का इस्तेमाल कमर्शियल तौर पर भी किया जाता था. इसके अलावा यह मदरसा रजिस्टर्ड भी नहीं था.
अधिकारियों ने बताया कि गांव के मुख्य रोड पर स्थित करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा कर सालों से यह मदरसा चलाया जा रहा था. जांच में सामने आया कि यह मदरसा न तो किसी सरकारी रिकॉर्ड में रजिस्टर्ड था और न ही इसके निर्माण के लिए जरूरी नक्शा और इजाजत ली गई थी. इसके बावजूद यहां लंबे समय से एक्टिविटी चल रही थीं.
मदरसे के बाहरी हिस्से में कई दुकानें
प्रशासनिक जांच में यह भी पाया गया कि मदरसे के बाहरी हिस्से में कई दुकानें बनाई गई थीं, जिनका इस्तेमाल कमर्शियल तौर पर किया जा रहा था. ये दुकानें भी पूरी तरह से अवैध थीं और सार्वजनिक भूमि पर कब्जा कर बनाई गई थीं. इस वजह से प्रशासन ने मदरसे के साथ-साथ दुकानों को भी गिराने का फैसला लिया. शुक्रवार सुबह भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू की गई.
जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया और पुलिस अधीक्षक कृष्ण बिश्नोई भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि करीब ढाई हजार वर्ग मीटर में फैला यह मदरसा पूरी तरह से अवैध था. इसे लेकर पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन तय समय में कब्जा नहीं हटाया गया. इसी के चलते अब बुलडोजर कार्रवाई की गई है. जिलाधिकारी ने बताया कि अवैध कब्जा हटने के बाद इस जमीन का इस्तेमाल गांव के गरीब और जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता के लिए किया जाएगा.
’25 साल पहले किया गया था कब्जा’
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने कहा, “जहां-जहां अतिक्रमण है, वहां हमने पहले ही चेतावनी दी थी और अतिक्रमणकारियों को इसकी जानकारी भी दी गई थी. इसके बाद अब हम सभी की पहचान कर रहे हैं और उनके खिलाफ धारा 67 के तहत मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं. कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी अवैध कब्जों को हटाया जा रहा है.“ उन्होंने कहा कि या तो कब्जे खुद हटा लिया जाए, नहीं तो अतिक्रमण हटाने में जो खर्चा आएगा. वह भी उन्हीं से वसूला जाएगा.
डीएम ने आगे बताया कि यह कब्जा लगभग 20 से 25 साल पहले किया गया था और मदरसे के नाम पर यहां कमर्शियल एक्टिविटीज भी की जा रही थीं. यहां कई दुकानें बनाई गई थीं, जिनसे किराया भी वसूला जा रहा था. हमने इस मामले में 58 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और आज का जो खर्चा होगा वह भी वसूला जाएगा.















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