छतरपुर जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए कुशवाहा समाज एवं ओबीसी सहित विभिन्न संगठनों ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती आवेदन सौंपकर गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई की मांग की है. आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दो अलग-अलग घटनाओं में महिलाओं व नाबालिग के साथ मारपीट, अश्लील गाली-गलौच, कपड़े फाड़ने और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर अपराध हुए, लेकिन संबंधित थानों द्वारा मामला दर्ज नहीं किया गया.
पहली घटना थाना पिपट क्षेत्र की बताई गई है. आवेदन के अनुसार, 6 जनवरी 2026 की सुबह लगभग 9 बजे पीड़िता जब मंदिर जल चढ़ाने जा रही थीं, तभी रास्ते में मोटरसाइकिल सवार नीरज शुक्ला ने विवाद किया. विरोध करने पर नीरज शुक्ला द्वारा अश्लील गालियां दी गईं.
कपड़े फाड़े, की मारपीट
आरोप है कि मौके पर मौजूद रज्जू शुक्ला एवं अवध शुक्ला ने पीड़िता के साथ मारपीट की और बुरी नीयत से हाथ पकड़कर कपड़े फाड़ दिए. महिला की चीख-पुकार सुनकर जब उनके पुत्र बचाने पहुंचे, तो उनके साथ भी लाठी-डंडों से मारपीट की गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं. आरोपियों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का भी उल्लेख है.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि थाना पिपट पहुंचने पर पुलिस ने न तो मेडिकल कराया और न ही एफआईआर दर्ज की. बल्कि मुंशी द्वारा ₹5,000 की मांग करने और महिला से ₹200 ले लेने का आरोप लगाया गया है. अंततः केवल एनसीआर दर्ज कर मामले को दबा दिया गया.
दूसरी घटना
दूसरी घटना थाना ईशानगर क्षेत्र की है, जहां 6 जनवरी 2026 की शाम करीब 5 बजे 17 वर्षीय राहुल कुशवाहा का गेंद खेलने को लेकर विवाद हो गया. आरोप है कि पुष्पेंद्र जयवार ने नाबालिग के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की, जिससे उसे पीठ, गाल और सिर में चोटें आईं. साथ ही कट्टा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई. डर के कारण नाबालिग घर से बिना बताए बागेश्वर धाम चला गया, जिसे बाद में खोजकर लाया गया. परिजनों का आरोप है कि थाना ईशानगर में शिकायत देने के बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया और मुंशी द्वारा उल्टा चोरी का केस लगाने की धमकी दी गई.
इसके अलावा आवेदन में खजुराहो में कुछ दिन पूर्व होटल का खाना खाने से कुशवाहा समाज के दो लोगों की मौत का भी जिक्र किया गया है. इस मामले में पीड़ित परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा एवं नगर पालिका में परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई है.
क्या बोली पुलिस?
सभी संगठनों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इन मामलों में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, दोषी पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो तथा पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए. वहीं इस मामले को लेकर सीसी अरुण कुमार सोनी ने कहा है कि मामले की जांच कराकर समुचित कार्रवाई की जाएगी.
















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