देवास। जिले में अपराधियों पर अब सिर्फ कानून का डंडा ही नहीं, बल्कि उनकी जेब पर भी सीधा वार किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत द्वारा शुरू की गई 360 डिग्री पुलिसिंग के तहत चलाए गए ऑपरेशन पवित्र और ऑपरेशन बेल टू जेल ने गुंडों और आदतन अपराधियों के लिए अपराध को घाटे का सौदा बना दिया है।
इनमें सबसे बड़ी कार्रवाई पासपोर्ट निलंबित करवाने और शस्त्र लायसेंस रद करवाने की भी रही। 1 नवंबर 2024 से शुरू हुए इस अभियान में 30 नवंबर 2025 तक पुलिस ने बाउंड ओवर की कार्रवाई को ऐसा प्रभावी हथियार बनाया, जिसे आम भाषा में अब गुंडों से वसूला जाने वाला शांति टैक्स कहा जा रहा है।
ऑपरेशन पवित्र का दिखा असर
देवास जिले में ऑपरेशन पवित्र के तहत कुल पिछले एक वर्ष की अवधि में 6135 आरोपितों को 36 करोड़ 47 लाख 10 हजार रुपये की भारी-भरकम राशि से फायनल बाउंड ओवर कराया गया।
नियम तोड़ने वाले 401 आरोपितों को धारा 141 बीएनएसएस के तहत एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जिसमें 80 मामलों में 12 लाख 90 हजार रुपये शासन के खाते में जमा कराए गए। राशि जमा नहीं करने पर 33 आरोपितों को जेल भेजने के वारंट जारी कर सीधे सलाखों के पीछे भेजा गया। अन्य के मामले भी न्यायालयों में हैं।
ऑपरेशन बेल टू जेल
दूसरी तरफ ऑपरेशन बेल टू जेल के तहत गंभीर अपराधों में जमानत के बाद दोबारा अपराध करने वाले 109 मामलों को चिन्हित किया गया। इनमें से 20 आदतन अपराधियों की जमानत निरस्त कर उन्हें फिर से जेल भेजा गया। पुलिस ने यहीं तक सीमित न रहते हुए 13 बदमाशों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराए और 20 आदतन अपराधियों के पासपोर्ट भी निलंबित करवा दिए।
इसी अवधि में पुलिस ने 248 आरोपितों को जिला बदर करने के लिए प्रकरण कलेक्टर कार्यालय भेजे, जबकि 99 बदमाशों की हिस्ट्रीशीट तैयार कर उनकी गतिविधियों पर निगरानी शुरू कर दी।
कार्रवाई से कम हुए अपराध
देवास पुलिस की सख्ती का असर आंकड़ों में भी दिखने लगा है। 360 डिग्री पुलिसिंग शुरू होने से इस वर्ष 30 नवंबर तक की अवधि में देवास जिले में हत्या के मामलाे में 19 प्रतिशत की कमी आई, हत्या के प्रयास में 14 प्रतिशत की कमी, छेड़खानी के मामलों में 22 प्रतिशत की कमी और चाकूबाजी की घटनाओं में 15 प्रतिशत की कमी आई है।
एसपी पुनीत गेहलोत ने बताया कि यह रणनीति अब सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं, बल्कि अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने, उनके संसाधन छीनने और समाज में भयमुक्त माहौल बनाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है।


