रतलाम। माइग्रेशन प्रोगाम में महाराष्ट्र के सोलापुर नवोदय स्कूल से राजस्थान के सवाई माधोपुर नवोदय स्कूल जा रहे छात्रों के ग्रुप में नवीं कक्षा का एक छात्र रतलाम रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद ट्रेन में वापस नहीं चढ़ पाया।
ट्रेन के सुवासरा जाने पर छात्र के रतलाम में ही छूट जाने की जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया। इसके बाद तकनीक की ताकत, व्हाट्सएप की तेजी और नवोदय विद्यालय के मजबूत पूर्व छात्र नेटवर्क ने हालात को पलट दिया। कुछ ही घंटों में प्लेटफार्म पर छात्र को सुरक्षित ढूंढ लिया गया और उसे उसके गंतव्य सवाई माधोपुर भेजने की व्यवस्था कर दी गई।
दरअसल गुरुवार सुबह करीब छह बजे ट्रेन के रतलाम स्टेशन पर आने पर छात्र ऋतुराज साल्वे पानी पीने के लिए उतरा। इस दौरान अचानक ट्रेन चल पड़ी और ऋतुराज प्लेटफार्म पर ही रह गया। काफी देर बाद जब ट्रेन में छात्रों की गिनती हुई, तो एक छात्र के गायब होने का पता चला। इससे ट्रेन में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए साथ में चल रहे नवोदय के हिंदी शिक्षक राजकुमार कुमावत ने स्कूल प्राचार्य को सूचना दी।
प्राचार्य ने तुरंत नवोदय विद्यालय के देशभर में फैले पूर्व छात्रों के व्हाट्सएप समूह में छात्र का फोटो डालकर मदद का संदेश भेजा। संदेश मिलते ही नवोदय के पूर्व छात्र बिजली की तेजी से सक्रिय हो गए। कुछ ही मिनटों में यह सूचना रतलाम में रह रहे पूर्व नवोदय छात्रों तक पहुंच गई।
25 साल पुराने छात्र अभिभावक के रूप में पहुंचे स्टेशन
रतलाम के कालूखेडा नवोदय स्कूल में वर्ष 1993 से 2000 तक पढ़ाई कर चुके पूर्व छात्र ओमप्रकाश शर्मा ने भी वाट्सएप ग्रुप में सूचना देखी और सभी काम छोड़कर तत्काल रेलवे स्टेशन पहुंचे। तलाश करने पर छात्र ऋतुराज आरपीएफ थाने के बाहर बैठा मिला। बच्चे के साथ फोटो खींचकर उसे तुरंत पूर्व छात्रों के समूह में साझा किया गया। यह फोटो ट्रेन में बैठे शिक्षक कुमावत तक पहुंची, जिससे उन्हें बच्चे के सुरक्षित होने की पुष्टि मिली। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली।
पूर्व छात्रा ओमप्रकाश ने बताया कि सुबह वे सैर करने के लिए निकलते हैं, ग्रुप में मैसेज देखकर सीधे रेलवे स्टेशन चले गए थे। आरपीएफ द्वारा पहले छात्र के अभिभावकों के आने पर ही सुपुर्दगी करने की बात कही जा रही थी, लेकिन जरूरी जानकारी देने पर वे मान गए और दोपहर में शिक्षक कुमावत के आने पर छात्र को उनके हवाले कर दिया।
शाम को दूसरी ट्रेन से किया रवाना
शिक्षक राजकुमार कुमावत ने सुबह करीब नौ बजे ओमप्रकाश शर्मा से चर्चा की, तब तक वे कोटा पहुंच चुके थे।कोटा से वे दोपहर 3 बजे रतलाम पहुंचे। यहां रेलवे सुरक्षा बल से जरूरी कार्रवाई कर शाम 6 बजे दूसरी ट्रेन से शिक्षक व छात्र सवाई माधोपुर के लिए रवाना हुए।
















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