मध्य प्रदेश में कड़ाके की सर्दी से फिलहाल लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिली है. पिछले दो दिनों में रात के न्यूनतम तापमान में करीब 4 डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. सुबह-शाम की ठिठुरन कुछ कम हुई है, लेकिन मौसम विभाग का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है.
क्यों बढ़ा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पश्चिमी हिमालय पर सक्रिय सिस्टम के आगे बढ़ने की वजह से प्रदेश में ठंड का असर कुछ कमजोर पड़ा है. इसी कारण रातों का तापमान ऊपर गया है. हालांकि, जैसे ही यह सिस्टम पूरी तरह आगे निकलेगा, उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी सर्दी फिर से तेज हो सकती है.
प्रदेश के ऊपर एक्टिव हैं दो सिस्टम
इस समय प्रदेश के ऊपर दो बड़े सिस्टम सक्रिय हैं वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन. इन्हीं सिस्टम्स की वजह से कई जिलों में बादल छाए हुए हैं. बादलों की मौजूदगी के कारण रात का तापमान फिलहाल बहुत नीचे नहीं जा रहा, लेकिन सिस्टम के कमजोर पड़ते ही ठंडी हवाएं असर दिखा सकती हैं.
जनवरी के आखिर में लौटेगी तेज सर्दी
मौसम विभाग का अनुमान है कि जनवरी के आखिरी सप्ताह में सर्दी का एक और दौर देखने को मिल सकता है. खासतौर पर पश्चिमी हिमालय पर नया सिस्टम सक्रिय होते ही ठंड बढ़ेगी और उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं प्रदेश में असर दिखाएंगी.
रविवार-सोमवार की रात कहां रही सबसे ज्यादा ठंड
रविवार और सोमवार की रात प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका करौंदी रहा. यहां न्यूनतम तापमान 7.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री रहा. भोपाल में पारा 10.6 डिग्री दर्ज किया गया. ग्वालियर में 10.8 डिग्री, उज्जैन में 10 डिग्री, जबकि जबलपुर में न्यूनतम तापमान 13.8 डिग्री सेल्सियस रहा.
बुजुर्गों और बच्चों का रखें खास ध्यान
मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है. सुबह और रात के समय गर्म कपड़ों का इस्तेमाल जारी रखें, क्योंकि ठंड का अगला दौर अचानक असर दिखा सकता है.






